nature

कब जागोगे पथिक?

प्रकृति बार बार आगाह करती है। हम बार बार उसे समझने की कोशिश सा करते हैं। बार बार सवाल उठाते हैं और जवाब ढूँढते हैं। फिर बार बार कुछ ठोस कदम उठाने की प्रतिज्ञा लेते हैं। पर अंततः भूल जाते हैं!