आंदोलन

कोई शख्स यूँ ही हर रोज मर रहा है!

हम मानना चाहते हैं कि हमारी हर सोच, हर बात, और हर कृत्य के जरिए हम अपना और अपनों का कल बदल रहे हैं। जो आज से क्रोधित हैं उनसे हम क्रोधित हो जातें क्योंकि उनके सामयिक सवाल हमें अच्छे नहीं लगते।

चिरस्थायी समृद्धि का मूल मंत्र

समृद्धि एक ऐसा हाथी है जिसे सब अपने नजरिए से देखते हैं। पर अंततः नजरिया उसका जीतता है जिसके पास अपना नज़रिया पेश करने व सामूहिक रूप से प्रेषित करने का बल बूता होता है, चाहे वो नजरिया कितना भी संकीर्ण क्यों न हो!